• माता सदैव दयालु और ममतामयी होती है वह अपने भक्तों पर हमेशा करूणा करती है- अमरदेव जी महाराज

    Reporter: fast headline india
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    माता सदैव दयालु और ममतामयी होती है वह अपने भक्तों पर हमेशा करूणा करती है- अमरदेव जी महाराज 

    माँ अन्नपूर्णा महोत्सव 6वे साल दिब्य देवी भागवत कथा का किया गया है आयोजन ! 

    काशी से आये विद्वानों के द्वारा किया जा रहा शतचंडी पाठ ! 

    संगीत मई देवी भागवत कथा में उमड़ा भक्तों का जनसागर ! 

    जौनपुर - जौनपुर जिले के सुजानगंज ब्लाक के सुप्रसिद्ध मां अन्नपूर्णा धाम प्रेमकापूरा में हिन्दू नव वर्ष के उपलक्ष्य पर चल रहे देवी भागवत की कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे अमरदेव जी महाराज ने अपने कथा के दौरान श्रोताओं को बताया कि देवी भागवत सभी विपत्तियों का विनाश करती है । 
    श्री महाराज जी ने राजा सत्राजित और प्रसेनजित के प्रसंग के माध्यम से बताया कि राजा सत्राजित ने भगवान कृष्ण पर स्यमन्तक मणि को चुराने का आरोप लगाया । आरोप लगने के बाद भगवान कृष्ण मणि की खोज करने जंगल में निकले । भगवान जब जंगल की एक गुफा से छः महीने तक बाहर नहीं आये तो द्वारिका निवासियों को चिन्ता हुई । भगवान को संकट में समझकर वसुदेव जी ने देवी भागवत का अनुष्ठान कराया और कथा समापन होते ही भगवान स्यमन्तक मणि और जाम्बवती को साथ लेकर लौट आये । तब सम्पूर्ण जगत में देवी भागवत की महिमा और बढ़ गई । श्री महाराज जी ने कहा कि माता सदैव दयालु और ममतामयी होती है और वह अपने भक्तों पर करूणा जरूर करती है । बता दे कि माँ अन्नपूर्णा महोत्सव आयोजन का यह छठवां साल है और हर साल विविध कार्यक्रम आयोजित होते हैं व विख्यात कथा वाचकों द्वारा कथा होती है । इस कार्यक्रम के सूत्र धार संचालक धिरज कुमार दुबे ने बताया कि यह कथा तेरह अप्रैल तक चलेगी । इस कार्यक्रम में जिसको भी माँ की पूजा करना उसे भी जजमान बनने का सौभाग्य दिया गया है काशी से आये विद्वानों के मंत्रो उच्चारण के जरिये माँ की आराधना करवाया जाता है,नवमी के दिन बड़ा भंडारा किया जाता है जिसमें हजारों लोग आकर माँ के प्रसाद का रसा स्वादन करते है,यह कार्यक्रम ग्रामवासियों के कल्याणार्थ सामूहिक रूप से आयोजित होता है। इस कार्यक्रम में विशेष सहयोग रूप में बाबा टेंट हाउस व लाइट व साउंड की ब्यवस्था जॉन्टी पांडेय,प्रमोद दुबे का विशेष योगदान रहता है इस आयोजन को सफल बनाने में प्रमुख रूप से कमला शंकर, प्रेम शंकर, सन्तोष द्विवेदी, सुरेश चन्द्र दूबे,राजेश पांडेय,नरेंन्द्र दुबे,ओम प्रकाश तिवारी, रमेश पांडेय, व अवधेश तिवारी सहित सभी ग्रामवासियों का सहयोग रहता है ।
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