• उमपा के पूर्व मनपा सचिव व उल्हासनगर के एस डी ओ के बीच छिड़ा शाब्दिक युद्ध !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा के पूर्व मनपा सचिव, एडोकेट व उल्हासनगर के एस डी ओ के बीच छिड़ा शाब्दिक युद्ध ! 

    माहिती अधिकार के अधिनियम के संदर्भ में व जानकारी मांगने पर हुआ यह पूरा विवाद ! 

    उल्हासनगर के एस डी ओ जगत सिंह गिरासे सरकारी भूखंडों को श्रीखंड बनाकर खाने में जुटे- प्रकाश कुकरेजा 

    इनके कार्यकाल में जारी सभी सनद की मांगी थी जानकारी ! 

    एस डी ओ ने एक पत्र निकाल माहिती अधिकार के जरिए लोगो ब्लैकमेल करने का कुकरेजा पर लगाया आरोप ! 

    एस डी ओ गिरासे पर पहले भी लग चुके पैसे लेकर सनद देने के आरोप ? 

    उल्हासनगर- उल्हासनगर महानगरपालिका के पूर्व सचिव प्रकाश कुकरेजा ने सूचना का अधिकार के आधार पर प्रांत के कार्यालय से जानकारी मांगी थी, उस जानकारी के विरोध में उल्हासनगर के एस डी ओ जगतसिंह गिरासे ने आक्षेप लेते हुए कहा कि इस जानकारी के जरिये लोगो को ब्लैकमेल किया जा सकता है इस लिए उनके इरादे पर आपत्ति जताई थी। दूसरी ओर प्रकाश कुकरेजा ने प्रांत के अधिकारी पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि अपने भ्रष्टाचार को उजागर होने के डर से बौखला गए है इस लिए इस तरह के पत्र सामने आ रहे है ! 
    बता दे कि उल्हासनगर नगर के पूर्व सचिव प्रकाश कुकरेजा ने प्रांत के सूचना कार्यालय से आय से संबंधित समन की मांग की। इस बारे में एक लिखित जवाब देते हुए, राज्य अधिकारी जगत सिंह गिरासे ने कहा कि आपको अपनी रुचि के बारे में सूचित करने के लिए स्पष्ट किया जाना चाहिए, फिर व्यक्ति के सहमति पत्र को सूचित करना और जोड़ना आसान होगा। उल्हासनगर में कुछ अधिकार कार्यकर्ता अक्सर जानकारी मांगते हैं और इस जानकारी का दुरुपयोग करते हैं, इसलिए सभी सनद धारकों ने अनुरोध किया है कि सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से जानकारी प्रदान नहीं की जानी चाहिए। यदि आप सैकड़ों बार बार मामले पूछ रहे हैं, तो आपके इरादे प्रामाणिक नहीं हैं। दूसरी ओर, प्रकाश कुकरेजा ने जगतसिंह गिरासे पर गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि कार्यालय के कई महत्वपूर्ण सूचनाओं के बारे में जानकारी नहीं देते हैं, इन संपत्तियों के दुरुपयोग की एक बड़ी मात्रा है, अगर इन मामलों की जानकारी का खुलासा किया जाता है, तो गिरासे जेल की हवा खा सकते हैं, वे अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैंने महाराष्ट्र के राज्यपाल, कोंकण के आयुक्त, भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को इस संबंध में उनकी शिकायत भी कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के प्रशासन में पारदर्शिता के अनुसार वेबसाइट पर जानकारी लोड करने के लिए सरकार ने आदेश दिए हैं। हालांकि, सूचना को दबाया जा रहा है। उल्हासनगर शहर के प्रान्त कार्यालय में सनद घोटाले के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। इस कार्यालय के तत्कालीन क्षेत्रीय अधिकारी विजया जाधव और नायब तहसीलदार विकास पवार ने ७/१२ प्रतिलेख को संशोधित करने के लिए एक वकील से ४ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। १८ जुलाई २०१७ को इन दोनों को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, इसलिए इस प्रांत कार्यालय में भ्रष्टाचार होने की संभावना बनी रहती है। वही इस मामले जगत सिंह गिरासे से संपर्क करने के लिए उनके मोबाईल पर संपर्क किया गया परन्तु उन्होंने फोन नही उठाया जिससे उनकी प्रतिक्रिया सामने नही आ पाई है !
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