• रिश्वतखोर अतिरिक्त आयुक्त की विभागीय जांच का ठराव महासभा में हुआ पास !

    Reporter: fast headline india
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    रिश्वतखोर अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत की विभागीय जांच का ठराव महासभा में हुआ पास !

     सदस्यों के सवाल पर आयुक्त नही दिया कोई जवाब !

     42 लाख के रिश्वत मामले घरत को एसीबी ने किया था गिरफ्तार !

     कल्याण - कल्याण में आखिरकार कल्याण-डोंबिवली मनपा रिश्वतखोर अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत के विभागीय जांच का ठराव गुरुवार की हुई महासभा में मंजूर किया गया है। राज्य सरकार निवृत्त उपसचिव दर्जे के अधिकारियों की कमेटी की ओर घरत की जांच की जाएगी । यह प्रस्ताव छः माह के भीतर आना चाहिए था लेकिन प्रशासन की ओर से हुई देरी के चलते मामला लटक गया था । इस मामले में देरी क्यो हुई ? सदस्यों ने जब आयुक्त से सवाल किया तो आयुक्त ने इस सवाल पर कोई उत्तर नही दिया । 
    बता दे कि रिश्वतखोर अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत ने 27 गांव के एक बिल्डर के बांधकाम पर कारवाई नही करने बदले में 42 लाख रुपए घूस मांगा था । बाद में घूस की रकम 35 लाख रुपए तय हुआ । 35 लाख रुपए में से पहला हफ्ता 8 लाख रुपए लेते समय 13 जून 2018 को ठाणे एन्टी करप्शन ब्यूरो रंगे हाथों पकड़ा । 14 जून को मनपा ने घरत को निलंबित किया था। 20 जून गुरुवार के हुए महासभा में नगरसेवक प्रकाश पेणकर, राष्ट्रवादी के नगरसेवक संतोष तरे, नवनिर्वाचित नगरसेवक सचिन बासरे इस बारे अपना विचार महासभा में रखा । संजय घरत की विभागीय जांच का ठराव महासभा में मंजूर किया गया । राज्य सरकार निवृत्त उपसचिव दर्जे के अधिकारियों की कमेटी की ओर घरत की जांच की जाएगी इस बारे में मनसे गटनेता मंदार हलबे ने अवैध निर्माण पर कारवाई नही करने वाले संजय घरत, विद्यमान अतिरिक्त आयुक्त सु रा. पवार और प्रभाग क्षेत्र अधिकारी भागाजी भांगरे के निलंबन कर उनकी विभागीय जांच करने के बाद अगर अधिकारी दोषी पाए गए तो उनपर कारवाई करने का प्रस्ताव महासभा में मंजूर किया गया था लेकिन उसपर अमल आज तक नहीं हुआ । अधिकारियों की जांच के लिए बनाई गई समिति के दोंनों तत्कालीन उपायुक्त लंबी छुट्टी पर जाने से छः माह तक जांच पूरा नही हो पाया । हमारे पास जांच के लिए उपायुक्त दर्जे का अधिकारी नही , जब तक जांच नही होगा तब तक कारवाई नही की जा सकता हैं ऐसा उत्तर आयुक्त गोविंद बोडके ने दिया ।
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