• कर वसूली पर खरा न उतरने के कारण 125 कर्मचारियों का वेतन रोका गया !

    Reporter: fast headline india
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    कर वसूली पर खरा न उतरने के कारण 125 कर्मचारियों का वेतन रोका गया ! 

    कर उपायुक्त ने अपने व डिपार्टमेंट के काम असंतुष्ट होने पर की गई थी यह सिपारिस !

     मनपा आयुक्त ने इस पर अपनी सहमति जताते पगार रोकने का दिया आदेश ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा द्वारा वसूला गया संपत्ति कर जब ४०० करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन कर वसूली का उद्देश्य पूरा न होने के कारण कर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन रुक गया है , जिसमें कर निर्धारणकर्ता, निरीक्षक, लिपिक भी शामिल हैं। मनपा आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी बजाने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए,इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
     उल्हासनगर मनपा के आय के स्रोतों में से एक संपत्ति कर संग्रह से ४५० करोड़ रुपए जमा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में, शहर में करदाताओं की लगातार उदासीनता के यह मामला प्रकाश में आया है। कई बार वसूली के लिए अभय योजना की घोषणा की गई। विभिन्न अपील, सुझाव और चेतावनी भी दी गई लेकिन बकाया राशि की मात्रा बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर, निगम स्थानीय निकाय कर से खाता बंद करने और खाता बंद करने का आग्रह कर रहा है। नवगठित आयुक्त सुधाकर देशमुख ने भी कर संग्रह पर पूरा ध्यान दिया है। इसके लिए कर संग्रह, कर निर्धारणकर्ता, कर संग्रहकर्ता और क्लर्कों का एक बड़ा संचय है। इस कर वसूली के लिए जून के महीने में 30 से 40 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन पिछले महीने 10 करोड़ रुपये वसूले गए,जिससे मनपा के लक्ष्य को झटका लगा है। कर संग्रह करते समय संपत्ति धारकों को पत्र, सुझाव और नोटिस जारी किए गए थे लेकिन संपत्ति के मालिकों ने कर जमा करने में कोइ दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसीलिए ये टैक्स रिफंड ठप पड़ गया हैं। कमिश्नर सुधाकर देशमुख ने कर चोरी पर सख्त फैसला लिया है। उस निर्णय से वसूली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है। इसमें टैक्स कलेक्टर और कलेक्टर डॉ. युवराज भदाने शामिल हैं, जिनमें कर निरीक्षक, लिपिक और लगभग डेढ़ कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी और अधिकारी अपने वेतन बाधा से भयभीत हैं। मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने कहा कि कार्य में अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।
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