• उल्हासनगर का नाम सिंधूनगर नामकरण का प्रस्ताव हुआ वापस !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर का नाम सिंधूनगर नामकरण का प्रस्ताव हुआ वापस ! 

    शोसल साइड पर व मनसे की आक्रमक भूमिका देखते हुए लिया गया यह कदम !

     कल की महासभा में गूँजेगा रेन कोट घोटाला !

     उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा 20 अगस्त को होने वाले महासभा में उल्हासनगर का नाम सिंधूनगर करने के प्रस्ताव को आखिर पीछे ले लिया गया है. इस प्रस्ताव से शहर का वातावरण बिगड़ने की आशंका जताई जा रही थी, मनसे, शिवसेना सहित अनेक राजनैतिक पक्ष और सामाजिक संघटनो ने सिंधूनगर के नाम का विरोध किया था.
    उल्हासनगर साई पक्ष की नगरसेविका और पूर्व स्थायी समिती सभापती कांचन लुंड ने आज होनेवाले महासभा में उल्हासनगर का नाम सिंधूनगर करने का प्रस्ताव लाया था. इस प्रस्ताव पर मीना आयलानी, भाजप नगरसेवक राजा वानखेडे , राजू जग्यासी, प्रदीप रामचंदानी, रिपाई नगरसेवक भगवान भालेराव ने अनुमोदन किया था इस प्रस्ताव के कारण शहर में सामाजिक संगठनों व कई पार्टियों ने काफी तीव्र प्रतिक्रिय कर विरोध जताया था. ऐसे मुद्दे उठाकर शहर में दो समुदाय के बीच वातवारण खराब किये जाने की बात कई लोगो ने व्यक्त की थी। मनसे ने इस पर आक्रमक भूमिका लेते हुए चेतवानी दी थी कि किसी भी परिस्थिति में उल्हासनगर का नाम सिंधूनगर नही किये जाने जवाब देने की तैयारी में थी इस सिंधुनगर नाम किये जाने पर कोई भी अप्रिय घटना घटती है तो उसके जिम्मेदार प्रस्ताव लाने वाले होंगे. शिवसेना व अन्य राजकीय पार्टियों सहित अनेक सामाजिक संघटनो ने सिंधूनगर नाम का विरोध करते हुए कहा कि नामकरण से पहले शहर का विकाश करना जरूरी है इस प्रस्ताव का अनुमोदन करने वाले रिपाई नगरसेवक भगवान भालेराव बात सिंधुनगर के प्रस्ताव को अपना समर्थन देने की बात से इनकार करते हुए कहा कि मैने कोई समर्थन नही दिया है. सिंधूनगर के प्रस्ताव को कचन लुंड ने पत्र देकर वापस ले लिया है. जिसका पत्र सचिव कार्यालय में दिया गया है.इस पत्र में नाम प्रस्ताव वापस लेने का कोई उचित कारण नही लिखा गया है. नगरसेविका कांचन लुंड ने सिंधूनगर नाम के प्रस्ताव ने आज के सर्वसाधारण सभा मे विषय आया है पर शहर में आयेदिन धोखादायक इमारतो के कारण बेघर हो रहे नागरिको को लेकर पहले उस पर कोई ठोष योजना लाना जरूरी है.
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