• उमपा प्रभाग दो के प्रभाग अधिकारी कुमावत दिखा रहे आयुक्त के आदेश को ठेंगा !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा प्रभाग दो के प्रभाग अधिकारी कुमावत दिखा रहे आयुक्त के आदेश को ठेंगा ! 

     चार साल के बच्चे की जान लेनेवाली इमारत में धड़ल्ले से चलाया जा रहा है बियरबार ! 

    बार मालिक से पैसे लेनदेन का लग रहा है आरोप ! 

    फ्लैट में रहने वालों खाली कराकर बिल्डिंग किया सील परंतु कमर्शियल गालों पर मेहरबानी क्यो ?

     उल्हासनगर-उल्हासनगर पिछले रविवार की सुबह भारी बारिश के कारण कैंप १ पवई में अंबिका सागर बिल्डिंग में एक स्लैब ढहने से स्लैब के नीचे एक चार साल के बच्चे की दबकर मृत्यु हो गई थी। मनपा आयुक्त ने तत्काल इस इमारत को सील करने का आदेश दिया था, लेकिन सहायक आयुक्त की कृपा से इस इमारत में बार धड़ल्ले से चल रहा है।
    बता दे कि अंबिका सागर उल्हासनगर कैंप ३पवई क्षेत्र में एक इमारत है। पांच मंजिला इमारत में दो मंजिल और पांच दुकानें हैं। इस इमारत में दो बेडरूम के स्लैब के नीचे दबने से एक चार साल के लड़के, नीरज की मौत हो गई थी। उल्हासनगर के मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने सहायक आयुक्त भगवान कुमावत को तुरंत इमारत खाली कराने का आदेश दिया। तदनुसार, भगवान कुमावत और उनकी टीम ने बिल्डिंग को सील कर दिया था। हालांकि, कुमावत ने इमारत के भूतल पर वाणिज्यिक एयरोड्रम बार, अकबर ट्रेवल्स और श्री ट्रेडर्स को अपनी कृपा से शुरू रखवाया है। छत पर जमा पानी के कारण पांचवीं और चौथी मंजिल पर स्लैब के रिसाव के कारणयह दुर्घटना हुई। इस इमारत के खंभे टूट गए हैं। ऐसी स्थिति में, इमारत किसी भी समय ढह सकती है, इसलिए 5 मंजिलों को खाली करके सील कर दिया गया, लेकिन बार मालिक से भगवान कुमावत का आर्थिक व्यवहार होने के अंदेशे से जब जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाने से सवाल किया गया कि भगवान कुमावत के खिलाफ मनपाआयुक्त के आदेशों का पालन करने में विफल रहने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी। तब उन्होंने मनपा आयुक्त पूछा सुधाकर देशमुख से संपर्क किया। जिसके बाद मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने भगवान कुमावत को तुरंत अंबिका सागर में सील लगाने का आदेश दिया । निवासियों को हटाकर व्यापारियों को संरक्षण देना है मनपा का धंधा उल्हासनगर कैंप २ में सिंधरी सागर में दो साल पहले स्लैब ध्वस्त हो गया। हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हालांकि इमारत अभी भी खड़ी थी, आंतरिक स्लैब ढह रहे थे। भूतल पर चल रही तीन-चार दुकानों पर किसी भी समय इमारत ढह सकती थी। यह भवन प्रभाग समिति २ से थोड़ी दूरी पर स्थित है।
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