• 35 करोड़ की लागत से बना पम्पिंग स्टेशन हुआ फेल ?

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    35 करोड़ की लागत से बना पम्पिंग स्टेशन हुआ फेल ? 

    खेमानी नाले का मलमुत्र युक्त दुषित पानी बिना फिल्टर के जा रहा उल्हास नदी !

     उल्हासनगर, कल्याण डोम्बिवली, भिवंडी, मिरा भायंदर शहरवासियों को हो रहा प्रदूषित पानी ? 

     प्रशासन की लापरवाही से हमें पिलाया जा रहा लोगो के मलमूत्र से फिल्टर पानी ! 

     50 लाख नागरिकों की सेहत से सीधे किया जा रहा है खिलवाड़ ! 

    आम जनता से किया गया अपील गरम करके पिए पानी - वालधुनि उल्हास बिरादरी 

    उल्हासनगर -उल्हासनगर शहर के बिल्डिंगों व घरों से निकलने वाला गंदा पानी जो बहाया जाता है, वो खेमानी नाले के माध्यम से सीधा उल्हास नदी में बिना किसी प्रक्रिया के सीधे जा मिलता है, खेमानी नाला उल्हास नदी से जहा पर जा मीलता है, वहां से 40 मीटर की दुरी पे सेंच्युरी का पंपींग स्टेशन, 60 मीटर की दुरी पे एम आई डि सी (उल्हासनगर) का पंपींग स्टेशन, तो 80 मीटर की दुरी पर कल्याण का पंपींग स्टेशन, 100 मीटर की दूरी पर स्टेम प्राधिकरण का जल शुद्धिकरण केंद्र जहाँ से पानी फिल्टर करके उल्हासनगर मनपा, कल्याण डोम्बिवली मनपा, भिवंडी मनपा, ठाणे मनपा, मीरा भायंदर के करीबन 50 लाख नागरिक की रोज की ज़रूरते पूरी करने के लिये पिने के लिये व खाना बनाने के लिये इस्तेमाल किया जाने वाला पानी जो इस्तेमाल करते है, 
    गौरतलब हो कि, उल्हासनगर के खेमानी नाले से बहाया जानेवाला मलमूत्र सिवेज सीधे उल्हास में छोडे जाने से 50 लाख नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा था,इसके लिए तीव्र आंदोलन हुये, एन जी टी, उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय तक बात गयी, और उमपा द्वारा खेमानी नाला उल्हास नदी पे 35 करोड़ रुपयों की लागत से 16 एम एल डी का पम्पिंग स्टेशन अभी अभी लगाया गया, जो सुचारू रूप से इस समय चल रहा था,परन्तु भारी बरसात और प्रशासन की लापरवाही के चलते वह इस समय बन्द हो गया है, अब नाले का दूषित, मलमूत्र युक्त पानी बिना ट्रीटमेंट किये उल्हास नदी में सीधे बहाया जा रहा है, खेमानी नाले की सफाई ना होने के कारण हज़ारों किलो कचरा प्लास्टिक जमा हो जाने से उल्हास नदी पर 35 करोड़ की लागत से बना पम्पिंग स्टेशन भी फेल हो गया है, मतलब फिर से एक बार सीधे वही गंदा पानी फिल्टर करके पिलाया जा रहा है इसका मतलब लोग हम क्या पीला रहे है, एक दूसरे का मलमूत्र ? बात कड़वी मगर सच है शहर वासियों, आपके घरों में ये ही नाले का सीधा दुषित पानी आ रहा है, कृपया पानी उबालकर, छानकर पीजिए, अपने परिवार के सेहत की रक्षा आपको अब स्वयं करनी होगी, 35 करोड़ खर्च करने के बाद भी आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है ऐसे में उल्हासनगर नदी बचाओ समिति वालधुनि उल्हास बिरादरी ने एक ही प्रार्थना की ईश्वर इन सबको सद्बुद्धि दे जो 50 लाख नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे है, बंद पड़े पम्प हाउस को जल्द चालू करके लोगो के जिंदगी से खेलना बंद हो ,
  • No Comment to " 35 करोड़ की लागत से बना पम्पिंग स्टेशन हुआ फेल ? "