• उल्हासनगर विधानसभा से 80 हजार वोटरों के नाम हुए गायब ?

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर विधानसभा से 80 हजार वोटरों के नाम हुए गायब ? 

    मतदाताओ की कुल संख्या 2 लाख 32 हजार 873 हुई ! 

    70 प्रतिशत सिंधी समाज के वोट हुए कम !

     गैर सिंधी विधायक चुनकर जा सकता महाराष्ट्र सदन में ?
     फाईल फोटो

     उल्हासनगर-उल्हासनगर विधानसभा चुनाव के पहले जारी हुई मतदाताओं की यादि से बड़ी संख्या लोगो के नाम गायब है,लोकसभा चुनाव 2019 में 6 महिने पहले चुनाव आयोग द्वारा उल्हासनगर के करीबन 86,000 मतदाताओं के नाम काटे गये थे, जिनमे मृतक मतदार और दूसरी जगह गए वोटर के नाम थे, 86,000 में उल्हासनगर 141 मतदार क्षेत्र के ही 52,000 नाम काटे गये थे,इनमे उन लोगों के भी नाम थे जिन्होंने तहसीलदार कार्यालय द्वारा बारबार विनंती करने के बावजूद भी मतदाताओं ने वोटर आई डी कार्ड के लिये अपने फोटोग्राफ जमा नही करवाये थे,
    गौरतलब हो कि चुनाव आयोग द्वारा 141 विधानसभा क्षेत्र के 50141 मतदाताओ के नाम आनेवाले चुनाव के लिए मतदार यादी से कम किये जायेंगे, ऐसी सुचना भी अखबार में प्रकाशित की गई थी, चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 के पहले किये सर्वे के अनुसार इन 50141 मतदारों में से 47127 दूसरी जगह जा चुके लोग है, जब कि 1710 मतदाता की मौत हो चुकी है, 1204 डबल वोटर थे , ऐसा करके 50141 मतदाताओं के नाम आगामी मतदाता सूची में से निकाल दिए जाएंगे ऐसी जानकारी दी गयी थी, बता दे कि उल्हासनगर 141 विधानसभा चुनाव 2014 में कुल 3 लाख 10 हज़ार वोटर थे, वहीं 2019 में वोटरों की संख्या 80 हजार घटकर सिर्फ 2 लाख 32 हज़ार 873 रह गयी है, जो निश्चित ही चिंताजनक बात है, 5 साल में नए नाम जोड़ने के बावजुद भी 80 हज़ार वोटरो के नाम कट जाना, इन मतदाताओं में 70 प्रतिशत सिंधी समाज के वोट कटे है यह एक बड़ी चिंता जनक बात है, जब 6 महीने पहले हुए कल्याण लोकसभा चुनाव 2019 में सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे को 72,953 वोट मिलना, वंचित बहुजन आघाडी के बाहरी उम्मीदवार संजय हेडाऊ को 12,434 वोट मिलना, निःसंदेह इससे ये पता चलता है कि, उल्हासनगर 141 मतदार क्षेत्र में सिंधी वोटर कम हुए और मराठी या गैरसिंधी वोटरों की संख्या बढ़ी जो वर्तमान की विधानसभा 2019 की चुनावी परिस्थितियों में गणित बनाने और बिगाड़ने के लिए पर्याप्त है। इस बनते बिगड़ते समीकरण से लगता है आने वाले समय में उल्हासनगर विधानसभा से गैर सिंधी विधायक महाराष्ट्र सदन में जा सकता है ऐसा कहना गलत नही होगा !
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