• कालानी के गढ़ पर भाजपा पार्टी का लहराएगा परचम ? आरपीआई के उम्मीदवार ने भरा नामांकन !

    Reporter: fast headline india
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    कालानी के गढ़ पर भाजपा पार्टी का लहराएगा परचम ?

     पांच साल में बदले राजनीतिक समीकरण ! 

     कालानी की पुत्र वधु पंचम कालानी ने भी भाजपा से मांगा है टिकट ! 

     उल्हासनगर विधानसभा से पहला नामांकन भरा आरपीआई पार्टी से भालेराव !

     इस सीट पर शिवसेना-भाजपा की दावेदारी को लेकर शुरू है खींचतान ! 

     भालेराव के नामांकन से उल्हासनगर की राजनीति आया नया मोड़ !

     उल्हासनगर- उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र कल्याण संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. इस शहर की पहचान एक औधोगिक नगरी के रूप में की जाती है साथ ही महाराष्ट्र में यह एक ऐसी विधानसभा सीट है जहां सबसे अधिक सिंधी समुदाय रहता है व सिंधी मतदाता है. पहले मनपा क्षेत्र के अधीन आने वाला एक से पांच नंबर का कैम्प इस सीट में शामिल था लेकिन वर्ष 2009 में हुए परिसीमन में इस सीट से कैम्प क्रमांक 4 व 5 को पूर्ण रूप से हटा दिया गया तथा उल्हासनगर विधानसभा में अब कैम्प नंबर 1, 2 व 3 एवं इसके पास के ही तीन गांव क्रमशः महारल, वरप व कांभा को शामिल किया गया. हमेशा ही सिंधी भाषी बहुल रही यह सीट परिसीमन के बाद भी सिंधी समाज के उम्मीदवार के लिए अनुकूल है, अब तक सभी विधायक सिंधी समाज के ही बने है. उल्हासनगर विधानसभा में सिंधी मतदाताओं के अलावा उत्तरभारतीय, मराठी, दलित व अल्पसंख्यक मतदाता है, शिवसेना-भाजपा जिस सीट को लेकर दावेदारी की खींचतान शुरू है उसी सीट पर आरपीआई के उम्मीदवार ने अपना नामांकन भर कर राजनीति को नया मोड़ दे दिया है !
    गौरतलब हो कि इस क्षेत्र का इतिहास उल्हासनगर विधानसभा पर सबसे ज्यादा कालानी परिवार का वर्चस्व रहा है, निरंतर 3 बार विधायक का चुनाव जीतने वाले सुरेश उर्फ पप्पू कालानी 2009 में भाजपा के कुमार आयलानी से चुनाव हार गए थें. तब भाजपा के कुमार आयलानी को जॉइंट किल्लर कहा जाने लगा था लेकिन पिछले 2014 के चुनाव में भाजपा अर्थात नरेंद्र मोदी की जबरदस्त लहर होने के बावजूद आयलानी अपनी सीट गवां बैठे आयलानी को पप्पु कालानी की पत्नी ज्योति कालानी ने हराया व एक बार फिर शहर में अपनी यानि कालानी परिवार की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया. पिछला विधानसभा चुनाव सभी दलों ने स्वतंत्र रूप से लड़ा था. इसमें राकां की ज्योति पप्पू कालानी को 43 हजार 760 वोट मिले थें तथा भाजपा के कुमार आयलानी को 41 हजार 897 वोट प्राप्त हुए थें शिवसेना के धनंजय बोडारे 23 हजार 868 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहें थें.
    इच्छुक उम्मीदवार
    विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, वर्तमान विधायक ज्योति कालानी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई एलान नहीं किया है कि वह किस दल से लड़ेगी, वैसे उनकी बहू जो उल्हासनगर मनपा की महापौर है उन्होंने व उनके पुत्र ओमी कालानी ने भाजपा से उम्मीदवारी मांगी है, वही भाजपा के जिलाध्यक्ष कुमार आयलानी भी भाजपा के प्रबल दावेदार है मनपा के उप महापौर व साईं पार्टी के मुखिया जीवन इदनानी, भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक महेश सुखरमानी, मनपा के सभागृह नेता शेरी लुंड भी भाजपा का टिकट पाने की कतार में है. राकां - कांग्रेस गठबंधन से भरत गंगोत्री जा नाम सामने आ रहा है तथा आरपीआई (ए) से भगवान भालेराव, मनसे से बंडू देशमुख का नाम लिया जा रहा है. वैसे आरपीआई के भगवान भालेराव के समर्थक पिछले दो महीने से उन्हें भावी विधायक के रूप में बैनरों के माध्यम से प्रोजेक्ट कर रहें है. एएमआईएम, बहुजन वंचित आघाडी के अलावा कई निर्दलीय भी चुनावी समर में उतरने की तैयारी में लगे है. 2014 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा का टिकट पाने की दौड़ में अधिक लोग है.
     उल्हासनगर विधानसभा सीट
     कुल वोटर 2 लाख 32 हजार 771 पुरुष मतदाता 1 लाख 78 हजार 39 महिला मतदाता 1 लाख 4 हजार 898 अन्य 33 विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या 3 लाख 79 हजार 43 पुरुष 2 लाख 4 हजार 943 महिला 1 लाख 74 हजार 119 
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