• उल्हासनगर आरपीआई के बागी उम्मीदवार भालेराव का बचन नामा आरपीआई निरीक्षक हाथों हुआ प्रकाशित !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर आरपीआई के बागी उम्मीदवार भालेराव का बचन नामा आरपीआई निरीक्षक हाथों हुआ प्रकाशित !

     महायुती से आरपीआई के दो बागी विधानसभा चुनाव में मैदान में ठोक रहे है ताल !

     अम्बरनाथ से रामभाऊ तायड़े तो उल्हासनगर विधानसभा से भगवान भालेराव !

     आरपीआई के बागी उम्मीदवारो को आठवले का है खुला समर्थन -बारसिंगे 

     भालेराव रांकपा की जीत के बन सकते है बड़ी अड़चन ?

     उल्हासनगर-उल्हासनगर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा शिवसेना आरपीआई आठवले समूह की महायुति है। गठबंधन धर्म के मद्देनजर आठवले को चुनाव न लड़ते हुए भी राज्यसभा और विधानसभा में मंत्रिपद मिला है। भारतीय जनता पार्टी, देवेंद्र फड़नवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मधुर गीत गाने वाले आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने राज्य भर से अपने दो उम्मीदवारों को बगावत करने की खुली आजादी दी है। इसलिए, इस विद्रोह ने मतदाताओं को भ्रमित किया है, आखिरकार ओट महायुती के उम्मीदवार को दे या फिर आरपीआई पुरस्कृत उम्मीदवार भगवान भालेराव को ऐसा प्रश्न खड़ा है ! 
    गौरतलब हो कि 141 विधानसभा उल्हासनगर निर्वाचन क्षेत्र में, भगवान भालेराव ने भाजपा के कुमार आयलानी के खिलाफ एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया और घोषणा की कि वे आरपीआई की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। ठाणे के पूर्व नगरसेवक रामभाऊ तायडे ने शिवसेना के डॉ. बालाजी किणीकर के खिलाफ 140 अंबरनाथ निर्वाचन क्षेत्र से आरपीआई से नामांकन भी दाखिल किया है। पार्टी की भूमिका की ओर इशारा करते हुए, आरपीआई निरीक्षक सुरेश बारसिंगे ने कहा कि राज्य में कई जगहों पर शिवसेना और भाजपा में भी बगावत हो रहा है। युति में नीला झंडा कभी अधिक शक्तिशाली नहीं रहा है। इन दोनों उम्मीदवारों को रामदास आठवले का समर्थन प्राप्त है। रिपब्लिकन पार्टी को गठबंधन से बहुत कम योगदान मिला है। गठबंधन ने स्पष्ट किया कि आरपीआई पर हुए अन्याय के कारण अंबरनाथ और उल्हासनगर में मित्रवत लड़ रहा था। अगर ये दोनों निर्वाचन क्षेत्र छोड़ देते हैं, तो हर जगह हम गठबंधन के समर्थन में है। अंबरनाथ में, ठाणे का एक उम्मीदवार दिया गया है क्योंकि बारसिंगे को विश्वास है कि इन उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता और सामाजिक जागरूकता प्राप्त होगी और इनकी विजय निश्चित होगी। 141 निर्वाचन क्षेत्र में एससी, एसटी और परप्रांतीय मतदाताओं पर भगवान भालेराव की अच्छी पकड़ है। लेकिन इन मतों का विभाजन राकांपा की ज्योति कलानी या भाजपा के कुमार आयलानी के रास्ते में आता है। यानी जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी कि कलानी-आयलानी के बीच की लड़ाई का फायदा उठाकर भालेराव बाजी मार सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इस बार नान सिंधी विधायक उल्हासनगर को मिल सकता है ?
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