• उल्हासनगर में रोड़ गड्ढों को भरने मे हुआ पांच करोड़ रुपए का घोटाला !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर में रोड़ गड्ढों को भरने मे हुआ पांच करोड़ रुपए का घोटाला !

     विपक्षी नगरसेवको ने महासभा में उपस्थित किया सवाल ! 

    2 करोड़ का ठेका 7 करोड़ तक पहुचा !

     5 करोड़ रुपया 5,2,2 के अंतर्गत देने का लगा आरोप !

     उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा की स्थायी समिति ने मनपा के 4 प्रभाग में रोड़ गड्ढों को भरने के लिए 2 करोड़ रुपए ठेका दिया गया था वह आंकड़ा 7 करोड़ तक कैसे पहुंच गया इस मुद्दे को भाजपा के नगरसेवकों ने मनपा की महासभा में जोरशोर उठाया. वही भाजपा के नगरसेवकों ने इस भ्रष्टाचार में सीधे मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख को निशाने पर लिया है.
    गौरतलब हो कि इस साल हुई जोरदार बारिश के कारण, उल्हासनगर शहर में 70 किलोमीटर की पक्की सड़कों पर काफी गड्ढे हो गए थे. इन गड्ढों को लेकर काफी होहल्ला हुआ था. इन सड़कों पर मनपा ने बरसात के मौसम में ग्रिड और गिट्टी डालकर इसी तरह इससे निजात दिलाने की कोशिश की थी. मानसून के अंत में स्थायी समिति ने सभी चारो प्रभाग में गड्ढों को भरने के लिए 50 - 50 लाख की चार निविदाएं निकाली. इस काम का ठेका जेड पी कंपनी ने लिया था इसमें 16 सड़कों का चयन किया गया था. साईं पार्टी के मुखिया तथा महापौर के चुनाव में भाजपा में शामिल हुए पूर्व उप महापौर जीवन इदनानी ने महासभा में उक्त बात कही व संपूर्ण कार्य को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए सदन में कहा कि 2 करोड़ का कार्य साढ़े 7 करोड़ कैसे व क्यों हो गया इसका जिम्मेदार कौन है. इदनानी के इन आरोपों का भाजपा के मनोज लासी, प्रदीप रामचंदानी, किशोर वनवारी, प्रकाश नाथानी आदि नगरसेवकों ने समर्थन किया. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए, मनपा सिटी इंजीनियर महेश सितलानी ने बताया कि 16 सड़कों पर 65 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है. तथा इस कार्य को स्थायी समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था. हालांकि वह राशि में कम थी, इसी के कारण मनपा आयुक्त ने महाराष्ट्र नगरपालिका अधिनियम 73 ए और डी, 5.2.2 के तहत बढ़े हुए काम को मंजूरी दी है. अदालत ने एक जनहित याचिका के तहत शहर के गड्ढों को भरने का भी आदेश दिया गया है. जिसके कारण सड़कों को जल्द से जल्द अच्छा व चलने योग्य बनाना था इसलिए काम को तेज गति से किया जा रहा है.मनपा सदन में भाजपा के गुटनेता जमनादास पुरुसानी ने कहा कि दो करोड़ का काम स्टैंडिंग कमेटी को भेजा गया और मंजूर हुआ. वास्तव में काम को साढ़े 7 करोड़ तक बढ़ा दिया गया है. किन नियमों के तहत यह बढ़ा हुआ काम किया जा रहा है. मनपा के आयुक्त सुधाकर देशमुख ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए सभागृह में बताया कि शासन द्वारा दिए गए अधिकार के तहत ही सड़कों का काम किया जा रहा है इसमें किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हैं. विधानसभा के चुनाव की आचार संहिता भी लगने वाली थी, शहर को गड्ढा मुक्त करने के लिए यह काम किया जा रहा है इसमें रत्ती भर भी भ्रष्टाचार नहीं हुआ है.यह एक बड़ा सवाल यह है कि क्या 5,2,2 में 5 करोड़ का बिना टेंडर काम किया जा सकता है यह बड़ा सवाल है और समय आने पर इसका उत्तर देना मनपा प्रशासन को ही देना पड़ेगा !
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