• सेंचुरी रेयान कंपनी एसिड प्लांट हादसा मामला गुंजा विधान परिषद में !

    Reporter: fast headline india
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    सेंचुरी रेयान कंपनी एसिड प्लांट हादसा मामला गुंजा विधान परिषद में ! 

     विधान परिषद में उठे मुद्दे पर सभापती ने दिया कार्यवाही करने का आदेश !

     पिछले महीने में एसिड प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के चलते हुआ था बड़ा हादसा जिसमे 8 कर्मचारी बुरी तरह झुलसे थे !

     उल्हासनगर-उल्हासनगर की नामचीन सेंचुरी रेयान कंपनी के एसिड प्लांट में सुरक्षा के इंतजाम नही होने की वजह से नवम्बर महीने में 27 तारीख की सुबह की शिफ्ट में कार्यरत पंकज सिंह,अंकित सिंह,केतन जाधव तथा अनिल कनसे नामक चार कर्मचारी एसिड की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए है,जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहले सेंचुरी रेयान के अस्पताल में भर्ती कराया गया।जब उनकी हालत और नाजुक होते गयी तो उन चारों कामगारों को उपचार के लिए मुम्बई के अस्पताल में भेज दिया गया था। उसके दो दिन बाद ही 29 तारीख को उसी एसिड प्लांट में दूसरा हादसा हुआ उसमे भी लक्षमण यादव,विकास मोरे,गोरख जिरेमाली तथा रवि शुक्ला नामक चार कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए थे।जिनका उपचार सेंचुरी अस्पताल में किया गया था। 
    गौरतलब हो कि एसिड प्लांट में सुरक्षा का इंतजाम नही होने की वजह से दो दिन में दो वारदाते हुई जिसे सेंचुरी कंपनी के व्यवस्थाको ने दबा दिया।इन दोनों घटनाओं का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के शहर संघटक मैनुद्दीन शेख ने उठाते हुए उल्हासनगर पुलिस को एक पत्र देकर एसिड प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था में कोताही बरतने वाले कंपनी व्यवस्थापकों पर अपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी।कंपनी व्यवस्थापकों के दबाव में जब कोई कार्यवाही नही की गई तो पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के शहर अध्यक्ष पंडित निकम ने पुलिस को एक पत्र देकर उपोष्ण करने की चेतावनी दी। 11 दिसंबर को जब पंडित निकम के कार्यकर्ता कंपनी  गेट के सामने स्टेज बनवा कर उपोष्ण पर बैठने की तैयारी कर रहे थे,तभी अचानक कंपनी में कार्यरत संतोष भोईर,ज्ञानेश्वर पाटिल,बहादुर सिंह,विजय सिंह,एकनाथ ओवडेकर व राजेश भोईर ने स्टेज पर लगे महापुरुषों का बैनर फाड़ते हुए स्टेज पर तोड़-फोड़ कर कार्यकर्ताओ को भगा दिया था।             जिसकी शिकायत पंडित निकम ने पत्र द्वारा पुलिस में करते हुए एटरासिटी के तहत मामला दर्ज करने की मांग की थी।बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्यवाही नही किया तो शीतकालीन विधानपरिषद अधिवेशन में विधान परिषद सदस्य भाई गिरिकर ने कंपनी व्यवस्थापक सुबोध दवे व स्टेज की तोड़-फोड़ कर दहशत निर्माण करने वालो का मुद्दा उठाया।भाई गिरिकर के सवालों पर विधानपरिषद के पीठासीन अधिकारी (सभापती) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी व्यवस्थापक सहित स्टेज तोड़ने वालों पर तत्काल कार्यवाही का आदेश दिया है,जिससे सेंचुरी कंपनी व्यवस्थापकों की मुसीबतें बढ़ गयी है।
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