टीओके के झटके के चलते स्थायी समिति में बीजेपी बहुमत हुई दूर !
टीओके बोलती नही करके दिखाती है-टीओके प्रमुख कालानी
भाजपा में विलीन हुई साई पार्टी के तीन सदस्य की स्थायी समिति में सदस्यता हुई रद्द !
इस विषय पर क्या कहा ओमी कालानी सुनिये उन्ही की जुबानी,,,,,,,,
उल्हासनगर-उल्हासनगर साई पार्टी के भाजपा में विलय के कारण कोंकण विभागीय आयुक्त के आदेश के बाद स्थायी समिति में साई पार्टी के तीन सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी गई है। परिणामस्वरूप, स्थायी समिति में भाजपा ने अपना बहुमत खो चुकी है। वही इस विषय पर टीओके प्रमुख ओमी कालानी ने कहा है कि हम बोलने पर करके दिखाने में विश्वास रखते है !
उल्हासनगर महानगरपालिका में सत्ता परिवर्तन के बाद, स्थायी समिति में भाजपा के बहुमत के कारण स्थायी समिति को अवरुद्ध कर दिया गया था। स्थायी समिति में भाजपा के 6 और साई पार्टी के विलय के साथ, भाजपा के सदस्यों की संख्या 9 हो गई। 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के 9 सदस्य और महा विकास आघाड़ी के सात सदस्य शामिल थे। चूंकि बहुमत भाजपा के पास था, इसलिए वित्तीय निर्णय लेना महापौर को मुश्किल था। इसके समाधान के रूप में, पूर्व महापौर पंचम कालानी, ने लिखित पत्र के जरिये यह मांग किया कि साईं पार्टी की भाजपा में विलीन हो गई है और इनका नेतृत्व भाजपा कर रही है, यह अब भाजपा समूह में मौजूद है तो दीपक सिरवानी, दिप्ती दुधानी और ज्योति बठीजा की स्थायी समिति की सदस्यता रद्द करने की मांग की। उनकी इसी शिकायत पर निर्णय लेते हुए, कोंकण विभागीय आयुक्त ने तीन सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी। जिसके बाद उसी आदेश पर मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने यह आदेश दिया कि इन तीनो नगरसेवकों की स्थायी समिति सदस्यता से हटाया जाता है। इस सारे घटना क्रम पर ओमी कालानी ने क्या कहा सुनिये उन्ही की जुबानी,,,,,,,
टीओके बोलती नही करके दिखाती है-टीओके प्रमुख कालानी
भाजपा में विलीन हुई साई पार्टी के तीन सदस्य की स्थायी समिति में सदस्यता हुई रद्द !
इस विषय पर क्या कहा ओमी कालानी सुनिये उन्ही की जुबानी,,,,,,,,
उल्हासनगर-उल्हासनगर साई पार्टी के भाजपा में विलय के कारण कोंकण विभागीय आयुक्त के आदेश के बाद स्थायी समिति में साई पार्टी के तीन सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी गई है। परिणामस्वरूप, स्थायी समिति में भाजपा ने अपना बहुमत खो चुकी है। वही इस विषय पर टीओके प्रमुख ओमी कालानी ने कहा है कि हम बोलने पर करके दिखाने में विश्वास रखते है !
उल्हासनगर महानगरपालिका में सत्ता परिवर्तन के बाद, स्थायी समिति में भाजपा के बहुमत के कारण स्थायी समिति को अवरुद्ध कर दिया गया था। स्थायी समिति में भाजपा के 6 और साई पार्टी के विलय के साथ, भाजपा के सदस्यों की संख्या 9 हो गई। 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के 9 सदस्य और महा विकास आघाड़ी के सात सदस्य शामिल थे। चूंकि बहुमत भाजपा के पास था, इसलिए वित्तीय निर्णय लेना महापौर को मुश्किल था। इसके समाधान के रूप में, पूर्व महापौर पंचम कालानी, ने लिखित पत्र के जरिये यह मांग किया कि साईं पार्टी की भाजपा में विलीन हो गई है और इनका नेतृत्व भाजपा कर रही है, यह अब भाजपा समूह में मौजूद है तो दीपक सिरवानी, दिप्ती दुधानी और ज्योति बठीजा की स्थायी समिति की सदस्यता रद्द करने की मांग की। उनकी इसी शिकायत पर निर्णय लेते हुए, कोंकण विभागीय आयुक्त ने तीन सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी। जिसके बाद उसी आदेश पर मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने यह आदेश दिया कि इन तीनो नगरसेवकों की स्थायी समिति सदस्यता से हटाया जाता है। इस सारे घटना क्रम पर ओमी कालानी ने क्या कहा सुनिये उन्ही की जुबानी,,,,,,,
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