• उल्हासनगर महानगरपालिका के नगरचनाकर विभाग के फर्जीवाडे हुआ पर्दाफाश ?

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर महानगरपालिका के नगरचनाकर विभाग के फर्जीवाडे हुआ पर्दाफाश ? 

    चार सालों से लापता नगर रचनाकार करपे के फर्जी हस्ताक्षर से बिल्डिंग के प्लान को दी गयी मंजूरी ! 

     पूर्व लापता नगर रचनाकार संजीव करपे के हस्ताक्षर से 2019 में पास हुआ प्लान !  

    वर्तमान नगर रचनाकार सोनवणे विवादों में,पुलिस ने मनपा आयुक्त को पत्र देकर मांगा जवाब ! 

    तत्कालीन उपायुक्त मुख्यालय उत्तम लोणारे की शिकायत पर मिलिंद सोनवणे सहित कई अन्य लोगो पर दर्ज हुआ था जाल साजी मामला !

    बिल्डर इदनानी की शिकायत पर हुई यह कार्यवाई ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा के विवादित नगर रचनाकार मिलिंद सोनवणे का रिटायरमेंट आगामी 30 जनवरी को होने जा रहा है।इसके पहले 4 साल पूर्व लापता नगर रचनाकार संजीव करपे के हस्ताक्षर युक्त प्लान 2019 में पास किये जाने से मनपा के आला अधिकारी सकते में आ गए है।हालांकि बिल्डर राजू इदनानी की शिकायत पर पुलिस ने मनपा आयुक्त को पत्र देकर इस प्रकरण में वर्तमान नगर रचनाकार की भूमिका का विवरण मांगा है।लेकिन अभी तक मनपा आयुक्त सुधाकर देशमख ने पुलिस के पत्र का जवाब नही दिया है।                    गौर तलब हो कि 2004 में जब वर्तमान नगर रचनाकार मिलिंद सोनवणे थे तब प्लान घोटाले को लेकर तत्कालीन उपायुक्त मुख्यालय उत्तम लोणारे की शिकायत पर मिलिंद सोनवणे सहित कई अन्य पर जाल साजी का मामला मध्यवर्ती पुलिस ने दर्ज किया था।जमानत मिलने के बाद मिलिंद सोनवणे का कडोमपा में ट्रांसफर कर दिया गया था।2008 में कोई भी टाउन प्लानर नही होने की वजह से मिलिंद सोनवणे को उमनपा का अतिरिक्त पदभार दिया गया था उस समय 16 विवादित प्लान को लेकर सोनवणे पर वापस जांच की तलवार लटक गई थी।तब आनन-फानन में सोनवणे ने अपना अतरिक्त पदभार छोड़ दिया था जिसकी जांच अभी भी ठाणे एंटीकरप्शन डिपार्टमेंट में पेंडिंग है। भवन निर्माता राजू इदनानी उर्फ शेरा ने पत्रकारों को बताया कि पूर्व टीपी संजीव करपे 2016 से लापता है,जिनकी अब तक पुलिस को तलाश है,2018 में तेजुमल वाधवानी व राजकुमार कुकरेजा ने इमारत प्लान के लिए वर्तमान टीपी मिलिंद सोनवणे को अर्जी की थी,10 अगस्त 2018 को सोनवणे ने कुकरेजा व वाधवानी का प्लान यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि प्लान के लिए जो डॉक्यूमेंट जमा किया गया है वह पर्याप्त नही है इसलिए आपके प्लान को नामंजूर किया जाता है ऐसा पत्र सोनवणे ने वाधवानी को लिखित तौर पर भेजा।ततपश्चात कुकरेजा व वाधवानी ने वापस एप्लीकेसन किया कि उन्होंने प्लान की एवज में मनपा को अदा की जाने वाली प्लान मंजूरी राशि जमा की है या तो पैसा वापस किया जाए या प्लान को मंजूरी प्रदान किया जाए,तब मिलिंद सोनवणे ने मनपा उपायुक्त संतोष देहरेकर को एक पत्र दिया कि राजकुमार कुकरेजा व वाधवानी ने मनपा को प्लान मंजूरी का पैसा जमा किया है इसलिए उनके प्लान को मंजूरी प्रदान किया जा सकता है।सोनवणे के इस पत्र को देखते उपायुक्त देहरेकर ने प्लान मंजूर करने का आदेश दे दिया। बिल्डर राजू इदनानी ने बताया कि  मजे की बात यह है कि 2019 में राजकुमार कुकरेजा व वाधवानी के प्लान को मिलिंद सोनवणे ने मंजूरी दी लेकिन वह मंजूरी तत्कालीन लापता टाउन प्लानर सजीव करपे के हस्ताक्षर युक्त का आउट वर्ड था।राजू इदनानी ने सवाल खड़ा किया कि जब करपे लापता है तो यह बोगस हस्ताक्षर किसने किया।इदनानी ने मुख्यमंत्री, नगरविकास मंत्री,पुलिस महासंचालक,ठाणे पुलिस आयुक्त,पुलिस उपायुक्त को इस बोगस हस्ताक्षर घोटाले के मामले में मिलिंद सोनवणे के ऊपर जालसाजी का मामला दर्ज करने की मांग की।इदनानी के पत्र को संज्ञान में लेते हुए मध्यवर्ती पुलिस ने आयुक्त को पत्र देकर विस्तृत जानकारी मांगी है।राजू इदनानी ने आरोप लगाया कि सोनवणे आगामी 30 तारीख को रिटायर होने वाले है इसलिए मनपा आयुक्त उसे बचाने का भरसक प्रयास कर रहे है। जिसकी सुनवाई 28 तारीख को न्यायालय में होने वाली है। 
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