• बिगेस्ट नो हॉन्किंग कैम्पेन दर्ज हुआ लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में !

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    बिगेस्ट नो हॉन्किंग कैम्पेन दर्ज हुआ लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में ! 

     पुलिस विभाग ठाणे व हिराली फाउंडेशन की संयुक्त पहल की बदौलत दोनों का दर्ज हुआ नाम ! 

    5 हजार लोगों ने हिस्सा लेकर बनाया रिकार्ड ! 

    ध्वनि प्रदूषण मुक्ति के लिए ली गई थीशपथ ! 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर पुलिस विभाग ठाणे- महाराष्ट्र और हिराली फाउंडेशन के संयुक्त उपक्रम से शांति उत्सव- बिगेस्ट नो हॉन्किंग कैम्पेन में 12 और 13 मार्च 2018 को उल्हासनगर में आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न स्कूलों के 4396 बच्चों के साथ शहर के एनजीओ मिलाकर 5000 लोगों ने हिस्सा लिया, बिना कारण हॉर्न न बजाने की और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति पाने की नागरिकों और विद्यार्थियों ने शपथ ली और शांति का संदेश देने हेतु मानव श्रृंखला बनाई, 500 ऑटो रिक्शा चालकों ने शांति यात्रा में हिस्सा लिया और 10,000 ऑटो रिक्शा पर नो हॉन्किंग सन्देश देने वाले स्टिकर चिपकाये गये, ठाणे पुलिस विभाग और हिराली फाउंडेशन के नो हॉन्किंग ड्राइव उपक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर विश्व प्रसिद्ध लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज किया गया है। 
    इस विषय की अधिकृत सुचना पुलिस उपायुक्त कार्यालय परिमंडल चार, उल्हासनगर कैम्प तीन में 13 मार्च, शाम 5 बजे पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार शेवाळे जी द्वारा दी गयी, ज्ञात हो कि, ठाणे पुलिस और हिराली फाउंडेशन द्वारा " नो हॉन्किंग केम्पेन " के तहत 12 मार्च 2018 को 2961 छात्रों द्वारा और 482 पुलिस अधिकारी और शिक्षकों द्वारा शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ था। बढते ध्वनी प्रदूषण से मुक्ति पाने का एक और प्रयास करते हुये हिराली फाउंडेशन और ठाणे पोलिस द्वारा 12 मार्च को पहली ही बार नो हॉन्किंग केम्पेन चलाया गया। शांति उत्सव नाम से हुये इस आयोजन में वी टी सी स्टेडियम उल्हासनगर केम्प 4 में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक दर्जनों स्कूलों आये 2961 छात्र छात्राओं और 482 पुलिस अधिकारी, शिक्षक, पत्रकार और अन्य समाजसेवियों द्वारा नो हॉन्किंग शपथ ली गयी। उपस्थितों को और छात्रों को परिमंडल चार के पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल द्वारा शपथ दिलाई गई थी। शांति उत्सव का आयोजन ठाणे पोलिस, उपायुक्त अंकित गोयल और हिराली फाउंडेशन के अध्यक्ष सरिता खानचंदानी और पुरुषोत्तम खानचंदानी जी द्वारा किया गया था, और साथ ही ठाणे पुलिस और हिराली फाउंडेशन द्वारा बढते ध्वनी प्रदूषण से मुक्ति पाने का एक और प्रयास करते हुये हिराली फाउंडेशन और ठाणे पुलिस द्वारा 13 मार्च 2018 को पहली ही बार नो हॉन्किंग केम्पेन चलाया गया। और मानव श्रृंखला बनाते हुए नो हॉन्किंग डे मनाया गया। शांति उत्सव नाम से हो रहे इस आयोजन में कैलाश कॉलोनी चौक, उल्हासनगर केम्प 5 में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक दर्जनों स्कूलों सर आये 1435 छात्र छात्राओं, 151 शांतिदूत रिक्शा चालक और पुलिस अधिकारी, शिक्षक, पत्रकार और अन्य समाजसेवियों द्वारा नो हॉन्किंग दिवस पर मानव श्रृंखला बनायी और समाज को एक संदेश दिया। झूलेलाल स्वागत द्वार से लेकर एक किलोमीटर तक महान मानव श्रृंखला ह्यूमन चेन बनायी गयी और नो हॉन्किंग दिवस मनाने की शुरुआत की गयी, इस मानव श्रृंखला ह्यूमन चेन में उमपा आयुक्त, उमपा महापौर, परिमंडल चार के पुलिस उपायुक्त, सैकडो पोलिस अधिकारी, एन जी ओ, छात्र, शिक्षक, एन एस एस के वालेंटियर, एन सी सी केडेट्स, और वरिष्ठ नागरिकों द्वारा हिस्सा लेकर " Do not honk बिना कारण हॉर्न ना बजायें, सर दुखता है " ऐसे छापे हुए 10,000 स्टिकर्स रिक्शा और गाड़ियों के पीछे लगाये जाते है, वो बांटे गये थे, ठाणे ज़िला पुलिस विभाग और हिराली फाउंडेशन द्वारा किये इस महान कार्य को लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज किया गया, ऐसी जानकारी कार्यक्रम के ठीक दो साल बाद आज पुलिस उपायुक्त परिमंडल कार्यालय में प्रमोद कुमार शेवाले जी द्वारा पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों और हिराली फाउंडेशन की अध्यक्ष सरिता खानचंदानी और पुरुषोत्तम खानचंदानी की उपस्थिति में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड से प्रमाणित प्रमाणपत्र को दिया है।
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