• उल्हासनगर में कोरोना महामारी ने ली पहली बलि !

    Reporter: first headlines india
    Published:
    A- A+
    उल्हासनगर में कोरोना महामारी ने ली पहली बलि ! 

    उल्हासनगर में 7 कोरोना मरीजो कि कोविड अस्पताल चल रहा ईलाज ! 

    उमपा रिटायर्ड स्वच्छता कर्मी 82 वर्षीय महिला की हुई मौत !

     क्रिटीकेयर अस्पताल द्वारा हुई गलती उल्हासनगर के लिए बनेगा कोरोना क्या बम ? 

     कोरोना मरीज की डेडबॉडी कैसे सौपी गई परिवार ? 

    मनपा के ज्यादातर सफाई कर्मियों का रहने वाला है वह पूरा इलाका !

     पुलिस ने पूरे एरिया को किया सील ! 

    इस पूरे मामले पर मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने क्या कहा सुनिये उनकी जुबानी,,,,,,

     उल्हासनगर-उल्हासनगर शहर में कोरोना के बम ने एक वृद्ध महिला की जान ले ली है। कैम्प 3 फाॅलवर लाईन परिसर निवासी एक 87 वर्षीय वृध्द महिला की क्रिटीकेयर अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई है। बताया गया है कि महिला की मौत मंगलवार को हुई थी, बुधवार को उसकी कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटीव बताई गई है। वहीं हैरानी की बात यह है कि फाॅलवर लाईन परिसर की निवासी महिला जो कि पूर्व सफाई कर्मी भी है उनका बेटा महानगरपालिका में सफाई कर्मचारी है। उपरोक्त परिसर भी घनी आबादी व झुग्गी झोपड़ों से घिरा हुआ है। प्रवीण वाईन्स के पीछे वाला परिसर सील किया गया है। अगर महिला कई लोगों के संपर्क में आयी है तो यह कोरोना बम कई लोगों पर फट सकता है। 
    उपरोक्त महिला की मौत की पुष्टि मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने कर दी है। सूत्रों ने बताया है कि मृतक के शव को कल ही परिजनों को दे दिया गया था और कहा गया था कि उन्हें यहां से ही श्मशान ले लाया जाए लेकिन वो उन्हें अपने घर ले गए।     उल्हासनगर मनपा आयुक्त के मुताबिक उल्हासनगर शहर में कोरोना का पहला मामला 19 मार्च 2020 को तब मिला जब दुबई से लौटी एक महिला कोरोना पाॅजिटीव पायी गई लेकिन तेजी से मिले उपचार के चलते उसे अगले ही सप्ताह 26 मार्च को नेगेटिव रिपोर्ट के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। 25 अप्रैल 2020 तक शहर में कोई भी कोरोना का मरीज नहीं मिला था। 25 अप्रैल को उल्हासनगर निवासी एक आरोग्य कर्मचारी जोकि मुंबई के धारावी ईलाके में एक क्लिनिक में कार्यरित था वो पाॅजिटीव पाया गया लेकिन उसका परिवार कोरोना नेगेटिव निकला। इसी तरह उल्हासनगर निवासी एक नर्स जोकि मुंबई के भाभा अस्पताल में कार्यरित है वो पाॅजिटीव पायी गई लेकिन उनके परिजन नेगेटिव पाए गए। उल्हासनगर-4 के कोविड अस्पताल में कुल 12 मरीजों का ईलाज चल रहा है जिसमें उल्हासनगर के 7 कोरोना मरीजों सहित एक कल्याण निवासी और बदलापुर के 3 मरीजों का ईलाज चल रहा है। एक वृध्द महिला को संदेह के आधार पर कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव पायी गई। 25 अप्रैल से मनपा को कई शिकायतें मिली कि कई लोग मुंबई से निकलकर सुरक्षित शहरों में पनाह के लिए घूस रहे हैं उनमें से कुछ लोगों को पकड़कर क्वारनटाईन किया गया है। लेकिन इस परिस्थित में सब पर नजर रखना पुलिस व प्रशासन के लिए भी कठिन है। ऐसे में पुलिस कर्मी भी संक्रमित हो रहे हैं। 20 मार्च से सरकारी तंत्र भी कार्य कर रहा है। कोरोना के लक्षण 14 दिनों अथवा कम से कम 7 दिनों में पता चलते हैं ऐसे में मुंबई अथवा अन्य इलाके से आए संक्रमित मरीज शहर में भी पाए जा सकते हैं जिस कारण शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ सकती है जैसे 26 अप्रैल 2020 को मुंबई के येलो गेट पुलिस थाने में कार्यरित उल्हासनगर निवासी पुलिस कर्मी को कोरोना पाॅजिटीव पाया गया। दो दिनों बाद 28 अप्रैल को क्वारनटाईन में रखे गए पुलिस कर्मी की पत्नी व तीन बच्चों को भी कोरोना पाॅजिटीव पाया गया हैं। बुधवार को कोरोना पाॅजिटीव वृद्ध महिला की मौत से शहर में दहशत का माहौल छा गया है।
  • No Comment to " उल्हासनगर में कोरोना महामारी ने ली पहली बलि ! "