• कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में करीब 3 करोड़ लोगों का डेटा हुआ लीक !

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    कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में करीब 3 करोड़ लोगों का डेटा हुआ लीक ! 

    लीक हुआ डेटा डार्क नेट पर बिक्री के लिए हुआ उपलब्ध ! 

     यह अपने आप में बेहद ही चौंकाने और डराने वाला मामला है !

     महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले पर लिया बड़ी ही गंभीरता ! 

     साइबर डिपार्टमेंट संदिग्ध नौकरी की साइट्स को खंगालने में जुटी है ताकि मास्टरमाइंड कौन है ?

    देखिये पूरे मामले पर साईबर डिपार्टमेंट के आई जी यादव ने क्या कहा सुनिये उनकी जुबानी,,

    मुंबई-मुंबई जहाँ पर आप कब ठगी के शिकार हो जाएंगे, कब निजी जानकारियों को लीक कर दिया जाएगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। अब ऐसे बहुत मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संकट के बीच ऐसी ही जानकारी महाराष्ट्र की साइबर क्राइम टीम की तरफ से भी सामने आई है। इसमें यह पता चला है कि प्रदेश के तकरीबन 2.91 करोड़ लोग जो नौकरी की चाह में अपने डेटा को इंटरनेट पर शेयर कर रहे थे, उनकी तमाम निजी जानकारियां अब डार्क नेट (Dark Net) पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यह अपने आप में बेहद ही चौंकाने और डराने वाला मामला है, जिसे महाराष्ट्र पुलिस ने बड़ी ही गंभीरता से लिया है। अब इसकी तफ्तीश शुरू हो गई है। महाराष्ट्र का साइबर डिपार्टमेंट ऐसी संदिग्ध नौकरी की साइट्स को खंगालने में लगी है ताकि यह पता चल सके इस साजिश का मास्टरमाइंड कौन है? इस खबर ने महाराष्ट्र पुलिस की भी नींद उड़ा दी है। एक साथ इतने सारे लोगों का डेटा चोरी होना अपने आप में चिंता का विषय है। पुलिस को डर है कि कहीं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग इस डेटा का गलत इस्तेमाल ना करें। मसलन फर्जी आधार कार्ड या पहचान पत्र बनाने के लिए या फिर एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड और बैंक जानकारी के जरिये धोखाधड़ी को अंजाम देना भी सकता है। पुलिस के अनुसार, नौकरी देने वाली फर्जी वेबसाइट के जरिए डेटा चुराई गई है। डेटा में आपका नाम, पता, शहर और राज्य का नाम ईमेल आईडी, फोन नंबर और शैक्षणिक विवरण जैसे तमाम जानकारियां हैं। यह वेबसाइट ज्यादातर ऐसी वेबसाइट्स की तरह हूबहू अपनी वेबसाइट बनाती हैं, जिससे उपभोक्ता कंफ्यूज हो जाता है और वह ऐसी साइट्स का भी इस्तेमाल करता है और यहां पर अपना डेटा साझा करता है। इसी प्रकार यह फिशिंग वेबसाइट लोगों के निजी जानकारियों को डार्क नेट पर या फिर दूसरी जगह पर अपने फायदे के लिए बेच देती हैं। अमेरिका में भी कैम्ब्रिज एनालिटिका ने किया था डेटा लीक महाराष्ट्र के आईजी साइबर विभाग यशस्वी यादव ने बताया डेटा थेफ्ट या फिर डेटा लीक की बात कोई नहीं नहीं है। इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत के लिए काफी हद तक डेटा लीक भी जिम्मेदार रही है। अमेरिकी कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका ने इस बात को माना है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के फेवर में इलेक्टोरल वेव बनाने के लिए उन्होंने फेसबुक के लाखों-करोड़ों यूजर के डेटा को यूज किया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेवर में माहौल बनाया था।आज की दुनिया में इंटरनेट हमारे लिए रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में हमें कुछ सावधानियों के साथ इसका इस्तेमाल करना चाहिए ताकि हम भविष्य में ऐसे किसी भी डेटा लीक के शिकार होने से बच सकें।
     1. अगर अनजान शख्स बैंकिंग विवरण या क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड की जानकारी मांगता है तो अलर्ट हो जाएं।
    2. कई सारी वेबसाइट बेरोजगार युवकों को केंद्रीय योजना के माध्यम से वजीफा के रूप में मासिक पैसे देने की बात कहे तो आपको सतर्क हो जाना है। यह सिर्फ भ्रामक विज्ञापन है, जहां पर अपनी जानकारी दे करके फंस सकते हैं।
     3. आपके दिए गए डेटा का उपयोग आपको धोखा देने या दूसरों को धोखा देने या अपराध करने के लिए किया जा सकता है।
     4. नौकरी चाहने वालों को नौकरी के लिए आवेदन करते समय बैंक खाते के डेबिट/क्रेडिट कार्ड से संबंधित धनराशि का भुगतान नहीं करना चाहिए।
    5. नौकरी चाहने वालों को केवल ईमेल, कॉल के माध्यम से बातचीत करने के बजाय, ऐसे जॉब पोर्टल वालों से पर्सनली मिलना चाहिए। अगर आपको ऐसे ही कोई भी भ्रामक वेबसाइट या पोर्टल के बारे में जानकारी मिलती है या आपको लगता है कि यह वेबसाइट लोगों को ठग सकती हैं।
     उनकी जानकारियों को गलत रूप से इस्तेमाल कर सकती है तो आप ऐसे वेबसाइट की जानकारी महाराष्ट्र पुलिस से कर सकते हैं। आप www.reportphishing.in और www.cybercrime.gov.in पर पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
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