• कोरोना महामारी से लड़ रही मुंबई को चक्रवाती निसर्ग तूफान बना संकट !

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    कोरोना महामारी से लड़ रही मुंबई को चक्रवाती निसर्ग तूफान बना संकट ! 

    अगले 12 घंटों के दौरान निसर्ग ले सकता है विकराल रूप  ?


    मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, उल्हासनगर, बदलापुर समेत आसपास के इलाकों पर होगा इसका असर ! 

    देखिये विस्तृत खबर किन इलाको पर होगा इसका कितना असर और कहा होगी ज्यादा तबाही,,,,,,
    मुंबई
    मुंबई शहर पर निसर्ग चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। तूफान की वजह से भारी बारिश और तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। एनडीआरएफ, नेवी समेत तमाम रेस्क्यू एजेंसियां मुस्तैद हैं। इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान निसर्ग विकराल रूप ले सकता है। रेड अलर्ट जारी किया गया है।
    कोस्ट गार्ड की तरफ से लगातार मछुआरों को मौसम के बारे में जानकारी देने के साथ अलर्ट जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही उनकी नौकाओं को सुरक्षित ठिकाने पर लाने का इंतजाम किया जा रहा है। महाराष्ट्र के पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टिवार का कहना है कि चक्रवात का असर दक्षिण अरब सागर में ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसके बारे में लोगों को अलर्ट किया है। साथ ही मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है। मुंबई, कोंकण और सिंधुदुर्ग के इलाकों में समुद्री किनारों पर सभी को अलर्ट किया गया है। NDRF की 6 टीमें तैनात की गई हैं। चक्रवात से लड़ने के लिए पूरी तैयारी हमने कर ली है। लोगों से अपील है कि इसको लेकर डरने की जरूरत नहीं है।
    निसर्ग तूफान के मद्देनजर तटीय पालघर और रायगढ़ जिलों में स्थित रासायनिक और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त एहतियात बरती जा रही है। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दस इकाइयों को संवेदनशील जिलों में तैनात गया है, जबकि छह अन्य को तैयार रहने को कहा गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान विकराल रूप धारण कर सकता है। आईएमडी के मुताबिक चक्रवात ईस्ट-सेंट्रल अरब सागर के ऊपर पणजी (गोवा) के पश्चिम दक्षिण-पश्चिम से 280 किलोमीटर दूर है। इसके साथ ही मुंबई के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम से यह 490 किलोमीटर दूर है। वहीं गुजरात के सूरत से यह 710 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है। निसर्ग तूफान का असर दिखना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र और गुजरात तटों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि 110 किलोमीटर प्रति घंटे की तरफ्तार के साथ यह तूफान तटों से टकराएगा। मुंबई महानगरपालिका ने चौपाटी पर खतरे के निशान के तौर पर लाल झंडे के निशान लगाए हैं।

    हो गया है। कई इलाकों में बूंदाबांदी का दौर और हल्की-हल्की बारिश हो रही है। आईएमडी ने कहा है कि डिप्रेशन के चक्रवात में तब्दील होने के बाद मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र के तटीय इलाके में रेड अलर्ट रहेगा।से 3 जून को टकराएगा। शून्य नुकसान के लिए सभी तरह की सावधानियां बरती गई हैं। असुरक्षित जगहों से लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की जाती है कि समुद्र के किनारे न जाएं, साथ ही किसी पेड़ या खंभे के नीचे न खड़े हों।नजर रखी जा रही है। इस बीच पालघर में बड़ा रेस्क्यू प्लान बनाया गया है। अभी 100 नावें समुद्र में हैं। यहां एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। हालात का सर्वे करने के लिए एनडीआरएफ के जवान तटीय इलाकों पर निगरानी कर रहे हैं। सिंधुदुर्ग में भी स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ ने सर्वे किया।

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